लेखक:
डॉ. मनोहर एल. दवाँ
वरिष्ठ आचार्य एवं विभागाध्यक्ष
जनरल, लेप्रोस्कोपिक एवं लेज़र सर्जन
S.P. Medical College & PBM Hospital, बीकानेर
स्तन में गांठ महसूस होना किसी भी महिला के लिए चिंता का कारण बन सकता है। लेकिन यह समझना बहुत जरूरी है कि हर स्तन की गांठ कैंसर नहीं होती।
फाइब्रोएडेनोमा (Fibroadenoma) स्तन की एक सामान्य गैर-कैंसरयुक्त (Benign) गांठ है, जो विशेष रूप से किशोरियों और युवा महिलाओं में अधिक पाई जाती है। यह आमतौर पर गोल या अंडाकार, चिकनी, स्पष्ट सीमा वाली और हाथ से दबाने पर कुछ हद तक हिलने वाली होती है।
अधिकांश फाइब्रोएडेनोमा खतरनाक नहीं होते और हर मरीज में ऑपरेशन की आवश्यकता भी नहीं होती। लेकिन किसी भी नई गांठ का उचित चिकित्सकीय मूल्यांकन जरूरी है।
फाइब्रोएडेनोमा स्तन के ग्रंथीय (Glandular) और रेशेदार (Fibrous) ऊतकों से बनने वाली सौम्य गांठ है।
यह विशेष रूप से लगभग 15–35 वर्ष की महिलाओं में सामान्य है। हालांकि, यह किसी भी उम्र में हो सकता है।
इसमें आमतौर पर—
एक स्पष्ट गांठ होती है।
गांठ चिकनी और गोल/अंडाकार होती है।
गांठ आसपास के ऊतक से अलग महसूस होती है।
गांठ हाथ से हिल सकती है।
सामान्यतः दर्द नहीं होता।
इसका सटीक कारण पूरी तरह ज्ञात नहीं है। लेकिन हार्मोन, विशेषकर एस्ट्रोजन के प्रति स्तन के ऊतकों की संवेदनशीलता, इसमें भूमिका निभा सकती है।
हार्मोनल बदलावों के दौरान गांठ का आकार बदल सकता है। उदाहरण के लिए, कुछ महिलाओं में गर्भावस्था के दौरान यह बड़ी हो सकती है।
यह सबसे सामान्य प्रकार है और सामान्यतः भविष्य में कैंसर का जोखिम बहुत कम या सामान्य के करीब होता है।
इसमें माइक्रोस्कोपिक स्तर पर कुछ अतिरिक्त परिवर्तन दिखाई दे सकते हैं। इसका महत्व पूरी पैथोलॉजी रिपोर्ट और महिला के अन्य जोखिम कारकों पर निर्भर करता है।
जब फाइब्रोएडेनोमा बहुत बड़ा हो जाता है, तो उसे Giant Fibroadenoma कहा जाता है। यह किशोरियों और युवा महिलाओं में अधिक देखा जा सकता है।
यह मुख्यतः किशोरावस्था में देखा जाता है और कभी-कभी तेजी से बढ़ सकता है।
सबसे सामान्य लक्षण है—स्तन में गांठ।
गांठ की विशेषताएँ हो सकती हैं:
गोल या अंडाकार
चिकनी सतह
स्पष्ट किनारे
दबाने पर हिलने वाली
सामान्यतः दर्द रहित
धीरे-धीरे बढ़ने वाली
कुछ महिलाओं में गांठ में हल्का दर्द या संवेदनशीलता हो सकती है।
नहीं।
स्तन में गांठ के कई कारण हो सकते हैं, जैसे—
Fibroadenoma
Breast Cyst
Fibrocystic Changes
Fat Necrosis
अन्य Benign Breast Diseases
Breast Cancer
इसलिए केवल गांठ को छूकर उसका सही निदान करना संभव नहीं है। जांच आवश्यक है।
डॉक्टर गांठ का आकार, स्थिति, बनावट और उसकी mobility की जांच करते हैं।
युवा महिलाओं में Breast Ultrasound एक बहुत उपयोगी जांच है।
इससे पता लगाने में मदद मिलती है कि गांठ—
Solid है या Cystic
उसका आकार कितना है
उसकी सीमाएँ कैसी हैं
उसमें कोई संदिग्ध विशेषता तो नहीं है
उम्र, लक्षण और व्यक्तिगत जोखिम के अनुसार डॉक्टर Mammography की सलाह दे सकते हैं।
यदि गांठ की प्रकृति स्पष्ट न हो, तेजी से बढ़ रही हो या imaging में कोई संदिग्ध विशेषता हो, तो Core Needle Biopsy की आवश्यकता हो सकती है।
इसमें गांठ से ऊतक का छोटा नमूना लेकर Histopathology की जाती है।
नहीं।
यदि गांठ छोटी है, जांच में फाइब्रोएडेनोमा की पुष्टि हो चुकी है और वह स्थिर है, तो कई मामलों में केवल नियमित निगरानी (Observation) पर्याप्त होती है।
सर्जरी की आवश्यकता निम्न परिस्थितियों में हो सकती है:
गांठ तेजी से बढ़ रही हो।
गांठ बहुत बड़ी हो।
जांच में संदेह हो।
बायोप्सी रिपोर्ट में कोई असामान्य परिवर्तन हो।
गांठ के कारण दर्द या परेशानी हो।
गांठ के कारण स्तन के आकार में स्पष्ट बदलाव हो।
मरीज मानसिक चिंता के कारण इसे हटवाना चाहती हो, और डॉक्टर से चर्चा के बाद यह उचित विकल्प हो।
सर्जरी का निर्णय हर मरीज के लिए व्यक्तिगत रूप से लिया जाता है।
छोटी और स्थिर गांठों में डॉक्टर समय-समय पर Clinical Examination और आवश्यकतानुसार Ultrasound की सलाह दे सकते हैं।
गांठ को छोटे ऑपरेशन द्वारा निकाल दिया जाता है।
निकाली गई गांठ को सामान्यतः Histopathological Examination के लिए भेजा जाता है।
कुछ विशेष परिस्थितियों में कुछ केंद्रों पर Image-Guided Minimally Invasive तकनीकें उपलब्ध हो सकती हैं। इनकी उपयुक्तता गांठ के आकार, स्थान और पहले से स्थापित निदान पर निर्भर करती है।
सामान्य फाइब्रोएडेनोमा कैंसर नहीं है और सामान्यतः इसके कैंसर में बदलने का जोखिम बहुत कम होता है।
हालांकि, कुछ विशेष pathological परिस्थितियों में भविष्य में ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम थोड़ा बढ़ सकता है। इसलिए डॉक्टर आपकी पैथोलॉजी रिपोर्ट, पारिवारिक इतिहास और अन्य जोखिम कारकों को ध्यान में रखकर फॉलो-अप तय कर सकते हैं।
यदि—
⚠️ गांठ तेजी से बढ़ रही हो।
⚠️ गांठ बहुत कठोर या स्थिर महसूस हो।
⚠️ त्वचा में सिकुड़न दिखाई दे।
⚠️ निप्पल अंदर की ओर खिंचने लगे।
⚠️ निप्पल से खून आए।
⚠️ बगल में गांठ महसूस हो।
⚠️ स्तन में कोई नया या लगातार बना रहने वाला बदलाव दिखाई दे।
तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए।
फाइब्रोएडेनोमा को पूरी तरह रोकने का कोई प्रमाणित तरीका नहीं है, क्योंकि इसमें हार्मोनल और व्यक्तिगत स्तन ऊतक संबंधी कारक भूमिका निभाते हैं।
फिर भी स्वस्थ जीवनशैली अपनाना और नियमित Breast Awareness बनाए रखना लाभदायक है।
स्वस्थ वजन रखें।
नियमित व्यायाम करें।
संतुलित आहार लें।
धूम्रपान से बचें।
शराब से बचना या सीमित करना बेहतर है।
अपने स्तनों में होने वाले सामान्य बदलावों से परिचित रहें।
किसी नई गांठ को नजरअंदाज न करें।
अधिकांश फाइब्रोएडेनोमा सौम्य होते हैं और खतरनाक नहीं होते।
आमतौर पर दर्द नहीं होता, लेकिन कुछ महिलाओं में संवेदनशीलता या हल्का दर्द हो सकता है।
कुछ फाइब्रोएडेनोमा लंबे समय तक स्थिर रहते हैं या समय के साथ छोटे हो सकते हैं। कुछ बने रहते हैं।
हाँ। हार्मोनल बदलावों के कारण कुछ फाइब्रोएडेनोमा गर्भावस्था के दौरान बड़े हो सकते हैं।
नहीं। यह उम्र, Clinical Examination और Imaging Findings पर निर्भर करता है। डॉक्टर तय करते हैं कि Biopsy आवश्यक है या नहीं।
किशोरियों में अधिकांश स्तन गांठें सौम्य होती हैं और फाइब्रोएडेनोमा आम कारण है। फिर भी नई गांठ की चिकित्सकीय जांच कराना उचित है।
फाइब्रोएडेनोमा स्तन की एक सामान्य और प्रायः गैर-कैंसरयुक्त गांठ है, विशेषकर युवा महिलाओं में।
इसलिए स्तन में गांठ महसूस होने पर घबराने की जरूरत नहीं है—लेकिन उसे नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए।
सही तरीका है:
गांठ महसूस हुई → विशेषज्ञ से जांच → आवश्यक Imaging → जरूरत पड़ने पर Biopsy → फिर Observation या उचित Treatment
समय पर जांच से मरीज को अनावश्यक डर से राहत मिलती है और ऐसी किसी भी स्थिति का समय पर पता लगाया जा सकता है जिसमें उपचार की आवश्यकता हो।
“हर स्तन की गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन हर नई गांठ की सही जांच जरूरी है।”
डॉ. मनोहर एल. दवाँ
वरिष्ठ आचार्य एवं विभागाध्यक्ष
जनरल, लेप्रोस्कोपिक एवं लेज़र सर्जन
???? S.P. Medical College & PBM Hospital, बीकानेर
???? परामर्श समय: 3:00 PM – 6:00 PM
???? 7375073171
???? www.drdawan.com
यह लेख सामान्य जन-जागरूकता एवं रोगी शिक्षा के लिए है। व्यक्तिगत निदान और उपचार के लिए योग्य चिकित्सक से प्रत्यक्ष परामर्श आवश्यक है।
फाइब्रोएडेनोसिस (Fibroadenosis / Fibrocystic Breast Changes): कारण, लक्षण, जांच एवं उपचार लेखक:डॉ. मनोहर एल. दवाँवरिष्ठ आचार्य ...
ब्रेस्ट एब्सेस (Breast Abscess): कारण, लक्षण, उपचार एवं बचाव – समय पर इलाज से मिलती ...
मास्टाल्जिया (Mastalgia): स्तन में दर्द के कारण, प्रकार, जांच एवं उपचार लेखक: डॉ. मनोहर एल. दवाँ ...
बेनाइन ब्रेस्ट डिजीज (Benign Breast Disease): लक्षण, प्रकार, जांच एवं उपचार लेखक:डॉ. मनोहर एल. दवाँवरिष्ठ आचार्य ...
मैमोग्राफी एवं ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग: शुरुआती पहचान ही सफल इलाज की सबसे बड़ी कुंजी लेखक:डॉ. मनोहर ...
ब्रेस्ट कंज़र्वेशन थेरेपी (Breast Conservation Therapy - BCT): कब की जाती है, इसके फायदे और ...
ब्रेस्ट कैंसर सर्जरी के बाद कीमोथेरेपी एवं रेडियोथेरेपी: कब, क्यों और किसे दी जाती है? ...
लिम्फेडेमा (Lymphedema) ब्रेस्ट कैंसर सर्जरी के बाद: बचाव, पहचान एवं आधुनिक प्रबंधन लेखक: डॉ. मनोहर एल. ...
ब्रेस्ट कैंसर सर्जरी के बाद फिजियोथेरेपी (Physiotherapy After Breast Surgery): जल्दी रिकवरी, बेहतर मूवमेंट और ...
ब्रेस्ट कैंसर सर्जरी के बाद देखभाल (Post-Operative Care): सही आहार, घाव की देखभाल और फिजियोथेरेपी ...
ब्रेस्ट कैंसर की जांच (Detection) एवं स्क्रीनिंग (Screening): समय पर पहचान ही सफल उपचार की ...
ब्रेस्ट कैंसर (Breast Cancer): क्यों बढ़ रहे हैं मामले, क्या खान-पान और जीवनशैली जिम्मेदार हैं, ...
बेड सोर (Bed Sore / Pressure Ulcer) – कारण, लक्षण, जटिलताएँ एवं आधुनिक उपचार बेड सोर ...
वीनस अल्सर (Venous Ulcer): पैरों का ऐसा घाव जो आसानी से नहीं भरता – कारण, ...
स्पाइजेलियन हर्निया (Spigelian Hernia): पेट की मांसपेशियों में छिपा हुआ दुर्लभ हर्निया लेखक:डॉ. मनोहर एल. दवाँवरिष्ठ ...
लम्बर हर्निया (Lumbar Hernia): कमर के पीछे होने वाली दुर्लभ लेकिन गंभीर समस्या क्या आपकी कमर ...
डायफ्रामैटिक हर्निया (Diaphragmatic Hernia): समय पर पहचान और सही उपचार से बचें गंभीर जटिलताओं से लेखक:डॉ. ...
https://twitter.com/zeerajasthan_/status/1403984855260557313?s=08 https://fb.watch/65CE6DPm1H/ ONLINE APPOINTMENT CALL: 9588844908 ...
Gallstones are solid particles that build from bile cholesterol and bilirubin in the gallbladder. You ...
Piles are swollen veins in rectum and anus leads to discomfort and bleeding. 'Piles' or ...
Cancer is a disease caused by an uncontrolled division involving abnormal cell growth with the ...
Abdominal Pain is the pain caused in the abdomen or the outer muscle wall. An ...
Get your constipation treated with Dr.Dawan! Constipation occurs when an individual found difficulty in emptying the ...
Ulcerative colitis is a chronic inflammatory condition whereby tiny abscesses and ulcers are formed on the ...
In simple language, Hemorrhage is an escape of blood from the veins or blood vessels. ...
A tumor may be defined as an abnormal unwanted growth of tissue in any part ...
When an organ residing in a cavity such as the abdomen tries to push through ...
The thyroid may be a small gland but plays a large role in the functioning ...
Cleft palate or palatoschisis is a common genetic abnormality that leads to a horde of ...
An inflammation of the pancreas is known as pancreatitis. The pancreas is an organ that ...
You probably think many more things can go wrong during a surgery as compared to ...
Colorectal surgery is the broad term for surgical procedures performed on the colon, the rectum ...
पित्त की पथरी- इलाज़ संबन्धित भ्रांतियाँ और निराकरण प्रश्न: पित्त की थैली की उपयोगिता एवं ...
समान्य भाषा में इसे बवासीर/ मस्सा भी कहते हैं। यह गुदा द्वार को बंद ...
बवासीर या पाइल्स एक ऐसी बीमारी है जिसमें एनस के अंदर और बाहरी हिस्से की ...
प्लास्टिक शस्त्रक्रिया का मतलब है टूटने से या खराब हुए हुए जले हुए या पूरे ...
लेप्रोस्कोपिक सर्जरी (दूरबीन शल्य चिकित्सा पद्धति) द्वारा ऑपरेशन मरीजों के लिए एक वरदान साबित हुई ...
गैस्ट्रोएन्टराइटिस गैस्ट्रोएन्टराइटिस यानी आंत्रशोथ पाचन तंत्र में संक्रमण और सूजन के कारण होने वाले बीमारी है। ...
There are many types of weight-loss surgery, ...
Urology is a part of health care ...
Gastroenterology deals with study of normal functioning, ...
Some people with diabetes also have lower ...