Diaphragmatic Hernia

डायफ्रामैटिक हर्निया (Diaphragmatic Hernia): समय पर पहचान और सही उपचार से बचें गंभीर जटिलताओं से

लेखक:
डॉ. मनोहर एल. दवाँ
वरिष्ठ आचार्य एवं विभागाध्यक्ष
जनरल, लेप्रोस्कोपिक एवं लेज़र सर्जन
S.P. Medical College & PBM Hospital, बीकानेर


डायफ्रामैटिक हर्निया क्या है?

डायफ्राम (Diaphragm) एक मजबूत मांसपेशी है जो छाती (Chest) और पेट (Abdomen) को अलग करती है तथा सांस लेने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब इस मांसपेशी में जन्मजात कमजोरी, चोट या किसी अन्य कारण से छेद या कमजोरी हो जाती है, तो पेट के अंग जैसे आमाशय (Stomach), आंत (Intestine), बड़ी आंत (Colon) या कभी-कभी यकृत (Liver) छाती की ओर खिसक जाते हैं। इस स्थिति को डायफ्रामैटिक हर्निया (Diaphragmatic Hernia) कहा जाता है।

यह बीमारी नवजात शिशुओं में जन्मजात हो सकती है, जबकि वयस्कों में यह दुर्घटना, चोट या लंबे समय तक पेट के अंदर बढ़े हुए दबाव के कारण विकसित हो सकती है।


डायफ्रामैटिक हर्निया के प्रकार

1. जन्मजात (Congenital Diaphragmatic Hernia)

  • जन्म से मौजूद होता है।
  • शिशुओं में सांस लेने में गंभीर तकलीफ हो सकती है।
  • शीघ्र सर्जरी आवश्यक होती है।

2. अर्जित (Acquired Diaphragmatic Hernia)

  • सड़क दुर्घटना, गिरने या छाती/पेट की चोट के बाद हो सकता है।
  • कभी-कभी वर्षों बाद भी इसके लक्षण दिखाई देते हैं।

3. Hiatal Hernia

  • इसमें पेट का ऊपरी भाग डायफ्राम के प्राकृतिक छिद्र से ऊपर छाती में आ जाता है।
  • यह एसिडिटी और GERD का सामान्य कारण हो सकता है।

डायफ्रामैटिक हर्निया के प्रमुख लक्षण

शुरुआत में कई मरीजों में कोई विशेष लक्षण नहीं होते, लेकिन समय के साथ निम्न समस्याएँ दिखाई दे सकती हैं—

✔ लगातार एसिडिटी या सीने में जलन

✔ खाना खाने के बाद छाती या ऊपरी पेट में भारीपन

✔ सांस लेने में तकलीफ

✔ बार-बार डकार या उल्टी

✔ पेट दर्द या छाती में दर्द

✔ जल्दी पेट भर जाने का एहसास

✔ निगलने में कठिनाई

✔ लगातार खांसी

✔ गंभीर मामलों में अचानक तेज दर्द और उल्टी


किन लोगों में जोखिम अधिक होता है?

  • सड़क दुर्घटना या छाती की चोट वाले मरीज
  • अधिक मोटापा
  • लगातार खांसी
  • भारी वजन उठाने वाले लोग
  • पूर्व में डायफ्राम या पेट की सर्जरी
  • जन्मजात कमजोरी वाले बच्चे
  • लंबे समय से बढ़े हुए पेट के दबाव वाले मरीज

यदि इलाज न कराया जाए तो क्या हो सकता है?

डायफ्रामैटिक हर्निया को अनदेखा करने से गंभीर जटिलताएँ हो सकती हैं—

  • पेट या आंत का छाती में फंस जाना (Incarceration)
  • आंत का रक्त प्रवाह रुक जाना (Strangulation)
  • आंत में छेद (Perforation)
  • फेफड़ों पर दबाव पड़ना
  • बार-बार निमोनिया
  • सांस लेने में गंभीर तकलीफ
  • जानलेवा संक्रमण (Sepsis)

डायफ्रामैटिक हर्निया का निदान कैसे किया जाता है?

अनुभवी सर्जन रोगी के लक्षणों और शारीरिक परीक्षण के आधार पर प्रारंभिक निदान करते हैं।

आवश्यकता पड़ने पर निम्न जांचें की जाती हैं—

  • Chest X-ray
  • CT Scan
  • Contrast CT Scan
  • Upper GI Endoscopy (चयनित मरीजों में)
  • Barium Study
  • MRI (विशेष परिस्थितियों में)

उपचार क्या है?

डायफ्रामैटिक हर्निया का स्थायी उपचार सर्जरी है।

1. Laparoscopic Repair

आज की आधुनिक और सबसे लोकप्रिय तकनीक।

फायदे

  • छोटे चीरे
  • कम दर्द
  • कम रक्तस्राव
  • जल्दी छुट्टी
  • शीघ्र सामान्य जीवन में वापसी
  • बेहतर कॉस्मेटिक परिणाम

2. Open Surgery

जटिल, बड़े या दुर्घटना से हुए हर्निया में आवश्यकता पड़ सकती है।

3. Mesh Repair

यदि डायफ्राम में बड़ा दोष (Defect) हो तो विशेष Surgical Mesh लगाकर मजबूत रिपेयर किया जाता है।


कब तुरंत सर्जन से मिलना चाहिए?

यदि आपको निम्न में से कोई भी लक्षण हों—

  • लगातार या बढ़ती हुई एसिडिटी
  • अचानक तेज छाती या पेट दर्द
  • सांस लेने में तकलीफ
  • बार-बार उल्टी
  • खाना निगलने में कठिनाई
  • पेट फूलना
  • बुखार के साथ दर्द
  • सड़क दुर्घटना के बाद सांस लेने में परेशानी

तो तुरंत जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जन से परामर्श लें।


बचाव के उपाय

✔ वजन नियंत्रित रखें।

✔ धूम्रपान से बचें।

✔ लगातार खांसी का समय पर इलाज कराएं।

✔ भारी वजन सही तकनीक से उठाएं।

✔ दुर्घटना के बाद छाती या पेट की जांच अवश्य कराएं।

✔ लंबे समय तक एसिडिटी को नजरअंदाज न करें।


याद रखें

डायफ्रामैटिक हर्निया दुर्लभ अवश्य है, लेकिन समय पर पहचान न होने पर गंभीर जटिलताएँ उत्पन्न कर सकता है।

यदि आपको लगातार एसिडिटी, सांस लेने में तकलीफ, छाती या ऊपरी पेट में दर्द या किसी दुर्घटना के बाद ऐसे लक्षण महसूस हों, तो तुरंत जांच कराएं। आधुनिक लेप्रोस्कोपिक सर्जरी द्वारा अधिकांश मरीज सुरक्षित रूप से पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं।


परामर्श हेतु

डॉ. मनोहर एल. दवाँ
वरिष्ठ आचार्य एवं विभागाध्यक्ष
जनरल, लेप्रोस्कोपिक एवं लेज़र सर्जन

???? परामर्श समय (केवल अपॉइंटमेंट द्वारा)
3:00 PM – 6:00 PM
सोमवार से शनिवार

???? 7375073171
???? www.drdawan.com


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