Mammography & Other Screening Methods for Breast Carcinoma

मैमोग्राफी एवं ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग: शुरुआती पहचान ही सफल इलाज की सबसे बड़ी कुंजी

लेखक:
डॉ. मनोहर एल. दवाँ
वरिष्ठ आचार्य एवं विभागाध्यक्ष
जनरल, लेप्रोस्कोपिक एवं लेज़र सर्जन
S.P. Medical College & PBM Hospital, बीकानेर


परिचय

ब्रेस्ट कैंसर आज महिलाओं में होने वाले सबसे सामान्य कैंसरों में से एक है। भारत में हर वर्ष लाखों नए मामले सामने आते हैं, और दुर्भाग्य से अधिकांश मरीज तब अस्पताल पहुँचते हैं जब बीमारी काफी बढ़ चुकी होती है।

अच्छी बात यह है कि यदि ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती अवस्था में पहचान (Early Detection) हो जाए, तो इसका उपचार अधिक सफल, कम जटिल और जीवन बचाने वाला हो सकता है। इसी उद्देश्य से ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग (Breast Cancer Screening) की जाती है।

स्क्रीनिंग का अर्थ है—ऐसी महिलाओं की नियमित जांच करना जिनमें अभी कोई स्पष्ट लक्षण नहीं हैं, ताकि कैंसर का पता प्रारंभिक अवस्था में लगाया जा सके।


Breast Cancer Screening क्या है?

ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग ऐसी जांचों का समूह है जिनका उद्देश्य कैंसर का पता लक्षण दिखाई देने से पहले लगाना है।

स्क्रीनिंग के प्रमुख साधन हैं—

  • स्वयं स्तन परीक्षण (Self Breast Examination)

  • चिकित्सक द्वारा स्तन परीक्षण (Clinical Breast Examination)

  • मैमोग्राफी (Mammography)

  • ब्रेस्ट अल्ट्रासाउंड

  • ब्रेस्ट MRI (चयनित महिलाओं में)


शुरुआती पहचान क्यों जरूरी है?

यदि कैंसर प्रारंभिक अवस्था में पकड़ में आ जाए तो—

✅ इलाज अधिक सफल होता है

✅ स्तन को सुरक्षित रखने की संभावना बढ़ती है (Breast Conservation Surgery)

✅ कीमोथेरेपी की आवश्यकता कम हो सकती है (कुछ मामलों में)

✅ जीवन बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है

✅ इलाज की जटिलता और खर्च कम हो सकता है


किन महिलाओं को नियमित स्क्रीनिंग करवानी चाहिए?

निम्न महिलाओं को विशेष रूप से स्क्रीनिंग करानी चाहिए—

✔ 40 वर्ष से अधिक आयु

नियमित मैमोग्राफी की सलाह दी जाती है।


✔ परिवार में ब्रेस्ट कैंसर का इतिहास

यदि माँ, बहन या बेटी को ब्रेस्ट कैंसर हुआ हो तो जोखिम अधिक हो सकता है।


✔ BRCA1 या BRCA2 जीन म्यूटेशन

इन महिलाओं में विशेष स्क्रीनिंग प्रोटोकॉल अपनाए जाते हैं।


✔ पहले किसी स्तन में कैंसर हो चुका हो

दूसरे स्तन की नियमित जांच आवश्यक होती है।


✔ जिनमें कोई नया लक्षण हो

  • नई गांठ

  • निप्पल से खून या स्राव

  • त्वचा में सिकुड़न

  • निप्पल अंदर धंसना

  • लगातार दर्द या सूजन


Breast Cancer Screening के प्रमुख साधन

1. Self Breast Examination (SBE)

यह सबसे सरल जांच है।

हर महिला को 20 वर्ष की आयु के बाद महीने में एक बार अपने स्तनों की स्वयं जांच करनी चाहिए।

जांच के दौरान देखें—

  • कोई नई गांठ

  • त्वचा में परिवर्तन

  • निप्पल में बदलाव

  • असामान्य स्राव

  • दर्द या सूजन

ध्यान रखें कि SBE जागरूकता बढ़ाने का तरीका है, लेकिन यह मैमोग्राफी का विकल्प नहीं है।


2. Clinical Breast Examination (CBE)

इस जांच में डॉक्टर स्तनों की शारीरिक जांच करते हैं।

यह विशेष रूप से उपयोगी है यदि—

  • कोई लक्षण हो

  • गांठ महसूस हो

  • स्क्रीनिंग के दौरान संदेह हो


3. Mammography (मैमोग्राफी)

Mammography क्या है?

मैमोग्राफी स्तन का विशेष एक्स-रे परीक्षण है जो बहुत छोटे कैंसर को भी पहचान सकता है, जब गांठ हाथ से महसूस भी नहीं होती।

इसे विश्वभर में ब्रेस्ट कैंसर स्क्रीनिंग का सबसे प्रभावी साधन माना जाता है।


मैमोग्राफी कब करानी चाहिए?

सामान्य जोखिम वाली महिलाओं में—

  • 40 वर्ष के बाद नियमित स्क्रीनिंग शुरू करने की सलाह दी जाती है।

  • उसके बाद डॉक्टर की सलाह के अनुसार हर 1–2 वर्ष में जांच कराई जा सकती है।

उच्च जोखिम वाली महिलाओं में स्क्रीनिंग पहले भी शुरू की जा सकती है।


मैमोग्राफी से क्या पता चलता है?

  • बहुत छोटी गांठें

  • माइक्रोकैल्सिफिकेशन

  • शुरुआती कैंसर

  • संदिग्ध परिवर्तन


क्या मैमोग्राफी दर्दनाक होती है?

जांच के दौरान कुछ सेकंड के लिए हल्का दबाव महसूस हो सकता है, लेकिन अधिकांश महिलाओं के लिए यह सहनीय होता है और जांच कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है।


4. Breast Ultrasound

अल्ट्रासाउंड विशेष रूप से उपयोगी है—

  • कम उम्र की महिलाओं में

  • Dense Breast में

  • किसी गांठ का मूल्यांकन करने के लिए

  • मैमोग्राफी के साथ पूरक जांच के रूप में


5. Breast MRI

MRI सभी महिलाओं के लिए आवश्यक नहीं होती।

यह मुख्यतः उपयोगी है—

  • BRCA Mutation वाली महिलाओं में

  • बहुत उच्च जोखिम वाले मरीजों में

  • कुछ जटिल मामलों में

  • सर्जरी की योजना बनाने में


यदि रिपोर्ट में कोई असामान्यता मिले तो आगे क्या?

यदि स्क्रीनिंग में कोई संदिग्ध बदलाव दिखे तो डॉक्टर निम्न जांच की सलाह दे सकते हैं—

  • Diagnostic Mammography

  • Targeted Ultrasound

  • FNAC

  • Core Needle Biopsy

  • MRI

  • Histopathology

ध्यान रखें—हर गांठ कैंसर नहीं होती।


क्या हर ब्रेस्ट गांठ कैंसर होती है?

नहीं।

कई गांठें सौम्य (Benign) होती हैं, जैसे—

  • Fibroadenoma

  • Breast Cyst

  • Fat Necrosis

  • Fibrocystic Changes

लेकिन हर नई गांठ की जांच आवश्यक है।


ब्रेस्ट कैंसर के चेतावनी संकेत

यदि निम्न में से कोई लक्षण हो तो तुरंत विशेषज्ञ से मिलें—

  • नई गांठ

  • निप्पल से खून

  • निप्पल अंदर धंसना

  • त्वचा में संतरे के छिलके जैसा परिवर्तन

  • लगातार सूजन

  • बगल में गांठ

  • स्तन के आकार में अचानक बदलाव


क्या पुरुषों को भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है?

हाँ।

हालाँकि यह महिलाओं की तुलना में बहुत कम होता है, लेकिन पुरुषों में भी ब्रेस्ट कैंसर हो सकता है। यदि पुरुष के स्तन में गांठ या निप्पल से स्राव हो तो तुरंत जांच करानी चाहिए।


ब्रेस्ट कैंसर का जोखिम कम कैसे करें?

  • स्वस्थ वजन बनाए रखें

  • नियमित व्यायाम करें

  • संतुलित आहार लें

  • धूम्रपान और शराब से बचें

  • स्तनपान को प्रोत्साहित करें

  • नियमित स्क्रीनिंग करवाएँ

  • किसी भी बदलाव को नजरअंदाज न करें


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

क्या मैमोग्राफी सुरक्षित है?

हाँ। इसमें बहुत कम मात्रा में विकिरण (Radiation) का उपयोग होता है और इसके लाभ संभावित जोखिमों से कहीं अधिक हैं।


क्या मैमोग्राफी से कैंसर फैल सकता है?

नहीं। यह एक मिथक है। मैमोग्राफी से कैंसर नहीं फैलता।


क्या मैमोग्राफी से पहले दर्द होने का इंतजार करना चाहिए?

नहीं। स्क्रीनिंग का उद्देश्य लक्षण आने से पहले बीमारी का पता लगाना है।


क्या सामान्य मैमोग्राफी के बाद भी स्वयं जांच करनी चाहिए?

हाँ। नियमित Self Breast Examination और डॉक्टर द्वारा सलाह अनुसार Clinical Examination जारी रखें।


निष्कर्ष

ब्रेस्ट कैंसर से डरने की नहीं, बल्कि समय पर जांच कराने की आवश्यकता है।
मैमोग्राफी, सेल्फ ब्रेस्ट एग्ज़ामिनेशन, क्लिनिकल ब्रेस्ट एग्ज़ामिनेशन, अल्ट्रासाउंड और MRI जैसी जांचें शुरुआती पहचान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

याद रखें—

"जल्दी पहचान = बेहतर इलाज = सुरक्षित जीवन"

यदि आपके स्तन में कोई नया बदलाव दिखाई दे या आप 40 वर्ष से अधिक आयु की हैं, तो नियमित ब्रेस्ट स्क्रीनिंग अवश्य करवाएँ।


परामर्श हेतु

डॉ. मनोहर एल. दवाँ
वरिष्ठ आचार्य एवं विभागाध्यक्ष
जनरल, लेप्रोस्कोपिक एवं लेज़र सर्जन

???? S.P. Medical College & PBM Hospital, बीकानेर

???? परामर्श समय: 3:00 PM – 6:00 PM (सोमवार–शनिवार)

???? 7375073171
???? www.drdawan.com


 

 

 

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