Breast Cancer : Lymphaedema

लिम्फेडेमा (Lymphedema) ब्रेस्ट कैंसर सर्जरी के बाद: बचाव, पहचान एवं आधुनिक प्रबंधन

लेखक:
डॉ. मनोहर एल. दवाँ
वरिष्ठ आचार्य एवं विभागाध्यक्ष
जनरल, लेप्रोस्कोपिक एवं लेज़र सर्जन
S.P. Medical College & PBM Hospital, बीकानेर


परिचय

ब्रेस्ट कैंसर की सर्जरी के बाद कुछ मरीजों में हाथ में सूजन आने की समस्या हो सकती है, जिसे लिम्फेडेमा (Lymphedema) कहा जाता है। यह तब होता है जब बगल (Axilla) के लिम्फ नोड्स निकालने या रेडियोथेरेपी के कारण लिम्फ द्रव (Lymph Fluid) का सामान्य प्रवाह बाधित हो जाता है।

हर मरीज में लिम्फेडेमा नहीं होता, लेकिन जिन मरीजों में जोखिम अधिक होता है, उनके लिए समय पर जानकारी, सही सावधानियाँ और शुरुआती उपचार बहुत महत्वपूर्ण हैं।


लिम्फेडेमा क्या है?

हमारे शरीर में लिम्फेटिक सिस्टम अतिरिक्त द्रव, प्रोटीन और संक्रमण से लड़ने वाली कोशिकाओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाता है। जब यह प्रणाली प्रभावित होती है, तो हाथ में लिम्फ द्रव जमा होने लगता है, जिससे सूजन, भारीपन और जकड़न महसूस होती है।


लिम्फेडेमा क्यों होता है?

मुख्य कारण हैं—

  • Axillary Lymph Node Dissection (ALND)
  • Sentinel Lymph Node Biopsy (कम जोखिम)
  • रेडियोथेरेपी
  • संक्रमण
  • हाथ में चोट
  • मोटापा
  • बार-बार सूजन या त्वचा का संक्रमण

किन मरीजों में जोखिम अधिक होता है?

  • जिनके कई लिम्फ नोड्स निकाले गए हों।
  • बगल में रेडियोथेरेपी हुई हो।
  • अधिक वजन या मोटापा हो।
  • मधुमेह या संक्रमण की समस्या हो।
  • हाथ में बार-बार चोट लगती हो।

लिम्फेडेमा के शुरुआती लक्षण

इन लक्षणों को कभी नजरअंदाज न करें—

✔ हाथ या उंगलियों में सूजन

✔ हाथ भारी लगना

✔ अंगूठी, घड़ी या चूड़ी का तंग होना

✔ त्वचा में खिंचाव

✔ हाथ में जकड़न

✔ कंधे की गति कम होना

✔ झुनझुनी या हल्का दर्द


यदि समय पर इलाज न कराया जाए तो क्या हो सकता है?

  • सूजन स्थायी हो सकती है।
  • हाथ का आकार बढ़ सकता है।
  • त्वचा मोटी और कठोर हो सकती है।
  • बार-बार संक्रमण (Cellulitis)
  • हाथ की कार्यक्षमता कम होना
  • दैनिक कार्यों में कठिनाई
  • मानसिक तनाव और आत्मविश्वास में कमी

लिम्फेडेमा से बचाव कैसे करें?

1. हाथ की नियमित एक्सरसाइज करें

डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा बताए गए व्यायाम नियमित करें।


2. हाथ की त्वचा की देखभाल करें

  • त्वचा साफ रखें।
  • मॉइस्चराइज़र लगाएँ।
  • कट, जलन और खरोंच से बचें।

3. संक्रमण से बचें

  • किसी भी घाव का तुरंत उपचार करें।
  • बुखार या लालिमा होने पर तुरंत डॉक्टर से मिलें।

4. वजन नियंत्रित रखें

मोटापा लिम्फेडेमा का महत्वपूर्ण जोखिम कारक है।


5. भारी वजन न उठाएँ

सर्जरी के शुरुआती सप्ताहों में प्रभावित हाथ से भारी सामान उठाने से बचें।


6. धीरे-धीरे सामान्य गतिविधियाँ शुरू करें

पूरी तरह हाथ का उपयोग बंद करना भी सही नहीं है। नियमित हल्की गतिविधियाँ लाभदायक होती हैं।


क्या उसी हाथ में ब्लड प्रेशर या इंजेक्शन नहीं लगाना चाहिए?

यदि संभव हो, तो जिस हाथ की बगल में लिम्फ नोड्स निकाले गए हों, उस हाथ में बार-बार इंजेक्शन, रक्त लेना या ब्लड प्रेशर मापने से बचने की सलाह दी जाती है। हालांकि, यदि चिकित्सा कारणों से ऐसा करना आवश्यक हो, तो उपचार में देरी नहीं करनी चाहिए। अपने चिकित्सक की सलाह का पालन करें।


लिम्फेडेमा का निदान

विशेषज्ञ द्वारा हाथ की जांच की जाती है।

आवश्यकता पड़ने पर—

  • हाथ की परिधि (Circumference) मापना
  • Volume Assessment
  • Bioimpedance Analysis (कुछ केंद्रों पर)
  • Lymphoscintigraphy (चयनित मामलों में)

लिम्फेडेमा का आधुनिक उपचार

1. Complete Decongestive Therapy (CDT)

यह सबसे प्रभावी उपचार माना जाता है।

इसमें शामिल हैं—

  • Manual Lymphatic Drainage (MLD)
  • Compression Therapy
  • Exercise
  • Skin Care

2. Compression Sleeve

विशेष मेडिकल कम्प्रेशन स्लीव हाथ की सूजन नियंत्रित करने में मदद करती है।


3. फिजियोथेरेपी

विशेष व्यायाम से लिम्फ प्रवाह बेहतर होता है और हाथ की कार्यक्षमता बनी रहती है।


4. Pneumatic Compression Pump

कुछ मरीजों में चयनित परिस्थितियों में उपयोगी हो सकता है।


5. संक्रमण का उपचार

Cellulitis होने पर तुरंत एंटीबायोटिक उपचार आवश्यक है।


6. आधुनिक माइक्रोसर्जरी

चयनित मरीजों में—

  • Lymphaticovenous Anastomosis (LVA)
  • Vascularized Lymph Node Transfer (VLNT)

जैसी विशेष सर्जिकल तकनीकों पर विचार किया जा सकता है। ये उपचार केवल विशेष केंद्रों पर उपलब्ध होते हैं और हर मरीज के लिए उपयुक्त नहीं होते।


दैनिक जीवन में सावधानियाँ

✔ हाथ को साफ रखें।

✔ नाखून सावधानी से काटें।

✔ बागवानी या सफाई करते समय दस्ताने पहनें।

✔ धूप या अत्यधिक गर्मी से बचें।

✔ नियमित व्यायाम करें।

✔ लंबी यात्रा में हाथ को हल्का हिलाते रहें।

✔ स्वस्थ वजन बनाए रखें।


कब तुरंत डॉक्टर से मिलें?

  • हाथ में अचानक अधिक सूजन
  • लालिमा या तेज दर्द
  • बुखार
  • हाथ गर्म महसूस होना
  • त्वचा से मवाद निकलना
  • हाथ की गति अचानक कम होना

क्या लिम्फेडेमा पूरी तरह ठीक हो सकता है?

लिम्फेडेमा एक दीर्घकालिक (Chronic) स्थिति हो सकती है, लेकिन शुरुआती पहचान, नियमित फिजियोथेरेपी, कम्प्रेशन थेरेपी और उचित देखभाल से इसे प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है। अधिकांश मरीज उचित उपचार के साथ सामान्य और सक्रिय जीवन जी सकते हैं।


निष्कर्ष

ब्रेस्ट कैंसर की सर्जरी के बाद लिम्फेडेमा से घबराने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि इसके प्रति जागरूक रहने की जरूरत है। सही व्यायाम, त्वचा की देखभाल, वजन नियंत्रण और समय पर चिकित्सकीय सलाह से इस समस्या को काफी हद तक रोका और नियंत्रित किया जा सकता है।

यदि हाथ में सूजन, भारीपन या जकड़न महसूस हो, तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। प्रारंभिक उपचार से लंबे समय की जटिलताओं से बचा जा सकता है।


परामर्श हेतु

डॉ. मनोहर एल. दवाँ
वरिष्ठ आचार्य एवं विभागाध्यक्ष
जनरल, लेप्रोस्कोपिक एवं लेज़र सर्जन

???? S.P. Medical College & PBM Hospital, बीकानेर

???? परामर्श समय (केवल अपॉइंटमेंट द्वारा)
3:00 PM – 6:00 PM (सोमवार–शनिवार)

???? 7375073171
???? www.drdawan.com


 

 

 

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