Nipple Cracks: Causes, Symptoms, Treatment & Prevention | निप्पल में दरार

Nipple Excoriation या Cracks: निप्पल में दरार, दर्द और जलन के कारण, बचाव एवं उपचार

लेखक:
डॉ. मनोहर एल. दवाँ
वरिष्ठ आचार्य एवं विभागाध्यक्ष
जनरल, लेप्रोस्कोपिक एवं लेज़र सर्जन
S.P. Medical College & PBM Hospital, बीकानेर


परिचय

निप्पल में दरार, छिलना, सूखापन, जलन या खून आना एक सामान्य समस्या है, विशेषकर स्तनपान कराने वाली माताओं में। इसे Nipple Excoriation या Cracked Nipple कहा जाता है।

स्तनपान के शुरुआती दिनों में इसका सबसे सामान्य कारण बच्चे का सही तरीके से स्तन से न लगना (Poor Latch/Attachment) होता है। गलत पकड़ के कारण निप्पल पर बार-बार दबाव और घर्षण पड़ता है, जिससे दर्द और दरारें बन सकती हैं। (nhs.uk)

अधिकांश मामलों में सही Breastfeeding Technique और उचित देखभाल से समस्या में सुधार हो जाता है। लेकिन निप्पल में दरार होने पर संक्रमण का जोखिम भी बढ़ सकता है, इसलिए इसे लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। (nhs.uk)


Nipple Excoriation क्या है?

जब निप्पल की ऊपरी त्वचा में:

  • सूखापन

  • छिलना

  • दरार

  • घाव

  • लालिमा

  • जलन

  • कभी-कभी रक्तस्राव

होने लगे, तो इसे Nipple Excoriation या Cracked Nipple कहा जाता है।

यह एक या दोनों निप्पल में हो सकता है।


निप्पल में दरार के प्रमुख कारण

1. बच्चे का सही तरीके से Latch न होना

स्तनपान कराने वाली महिलाओं में यह सबसे सामान्य कारणों में से एक है।

यदि बच्चा केवल निप्पल को पकड़ता है और Areola का पर्याप्त हिस्सा मुंह में नहीं लेता, तो निप्पल पर अत्यधिक दबाव पड़ सकता है। इससे दर्द और दरार हो सकती है। (nhs.uk)


2. गलत Breastfeeding Position

बच्चे और मां की स्थिति सही न होने पर निप्पल बार-बार खिंच सकता है और चोट लग सकती है।


3. बार-बार घर्षण

बहुत टाइट ब्रा, कपड़े या लगातार रगड़ से निप्पल की त्वचा में irritation हो सकता है।


4. सूखी त्वचा

अत्यधिक साबुन, गर्म पानी या त्वचा को बार-बार धोने से प्राकृतिक तेल कम हो सकता है और त्वचा सूखकर फट सकती है।

NHS भी sore nipples में साबुन से बचने की सलाह देता है क्योंकि यह त्वचा को और dry कर सकता है। (nhs.uk)


5. Infection

कभी-कभी bacterial या fungal infection के कारण निप्पल में दर्द, जलन, खुजली और त्वचा में बदलाव हो सकते हैं। (nhs.uk)


6. बच्चे का Tongue-Tie

कुछ बच्चों में Tongue-Tie के कारण स्तन को सही तरीके से पकड़ना कठिन हो सकता है, जिससे मां के निप्पल में दर्द और दरार की समस्या हो सकती है। (nhs.uk)


Nipple Cracks के लक्षण

मरीज को निम्न शिकायतें हो सकती हैं:

  • निप्पल में दर्द

  • जलन या चुभन

  • त्वचा का छिलना

  • निप्पल में दरार

  • लालिमा

  • खुजली

  • स्तनपान के समय तेज दर्द

  • दरार से खून आना

  • कभी-कभी पपड़ी या discharge

यदि दरार के आसपास संक्रमण हो जाए तो सूजन, बढ़ती लालिमा, मवाद या बुखार भी हो सकता है।


स्तनपान के दौरान निप्पल में दरार हो तो क्या करें?

1. सबसे पहले Latch ठीक करवाएँ

सिर्फ क्रीम लगाने से समस्या बार-बार लौट सकती है यदि बच्चे का attachment गलत है।

Breastfeeding specialist, lactation consultant या प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी से एक feed करवाकर positioning और latch की जांच करवाना उपयोगी होता है। (nhs.uk)


2. स्तनपान अचानक बंद न करें

यदि संभव हो और डॉक्टर ने कोई अलग सलाह न दी हो, तो सामान्यतः स्तनपान जारी रखा जा सकता है। बहुत दर्द होने पर दूध निकालकर देने का विकल्प भी हो सकता है। (nhs.uk)


3. निप्पल को साफ और सूखा रखें

Feed के बाद निप्पल को धीरे से सूखने दें।

Breast pads इस्तेमाल करती हैं तो उन्हें नियमित रूप से बदलें। (nhs.uk)


4. साबुन और कठोर उत्पादों से बचें

निप्पल पर बार-बार साबुन, alcohol-based products या irritant creams लगाने से त्वचा और सूख सकती है।

किसी भी medicated cream का उपयोग डॉक्टर की सलाह से करें।


5. सही फिटिंग की ब्रा पहनें

बहुत टाइट ब्रा या लगातार घर्षण करने वाले कपड़ों से बचें। (nhs.uk)


क्या Breast Milk निप्पल की दरार में लगाया जा सकता है?

कुछ breastfeeding guidance में feed के बाद थोड़ी expressed breast milk निप्पल पर लगाने का सुझाव दिया जाता है। (nhs.uk)

लेकिन यदि दरार गहरी है, संक्रमण के संकेत हैं या समस्या लगातार बनी हुई है, तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर न रहें।


क्या Nipple Crack से Mastitis हो सकता है?

हाँ, जोखिम बढ़ सकता है।

Cracked या bleeding nipples में संक्रमण का जोखिम बढ़ सकता है। यदि संक्रमण स्तन के अंदर फैलता है तो Mastitis हो सकता है। (nhs.uk)

Mastitis में:

  • स्तन गर्म और दर्दनाक हो सकता है।

  • लालिमा या सूजन हो सकती है।

  • कठोर क्षेत्र या गांठ महसूस हो सकती है।

  • बुखार और flu-like symptoms हो सकते हैं। (nhs.uk)

समय पर उपचार न मिलने पर कुछ मामलों में Breast Abscess भी बन सकता है, जिसमें मवाद जमा हो जाता है और drainage की आवश्यकता पड़ सकती है। (nhs.uk)


डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

निम्न परिस्थितियों में चिकित्सा सलाह लेना जरूरी है:

⚠️ निप्पल में गहरी या लगातार बढ़ती दरार

⚠️ खून या मवाद आना

⚠️ स्तन में बढ़ती लालिमा या सूजन

⚠️ तेज दर्द

⚠️ बुखार या ठंड लगना

⚠️ स्तन में दर्दनाक गांठ

⚠️ सही latch के बावजूद दर्द ठीक न होना

⚠️ उपचार के बाद भी समस्या बार-बार होना


एक महत्वपूर्ण बात: हर Nipple Crack केवल Breastfeeding की समस्या नहीं है

यदि महिला स्तनपान नहीं करा रही है और निप्पल पर लगातार एक तरफ लालिमा, crusting, scaling, itching या घाव बना हुआ है, तो इसकी जांच करवाना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।

एक दुर्लभ स्थिति Paget Disease of the Breast निप्पल और Areola की त्वचा को प्रभावित कर सकती है और eczema जैसी दिखाई दे सकती है। इसके लक्षणों में लालिमा, खुजली, crusting, scaling, skin thickening तथा कभी-कभी nipple discharge शामिल हो सकते हैं। (Cancer.gov)

इसलिए लगातार बने रहने वाले या एक तरफ के निप्पल परिवर्तन को केवल eczema या crack मानकर स्वयं इलाज नहीं करना चाहिए।


Nipple Cracks की जांच

डॉक्टर सबसे पहले Clinical Examination करते हैं।

आवश्यकता के अनुसार:

  • Breast Examination

  • Nipple/skin examination

  • Ultrasound

  • Mammography

  • Infection testing

  • और संदिग्ध मामलों में Biopsy

की आवश्यकता हो सकती है।

जांच का चुनाव मरीज की उम्र, लक्षण और Clinical Findings के अनुसार किया जाता है।


उपचार

उपचार का उद्देश्य केवल घाव भरना नहीं बल्कि मूल कारण को दूर करना है।

यदि कारण गलत Latch है:

Breastfeeding positioning और attachment को ठीक करना सबसे महत्वपूर्ण है।

यदि त्वचा सूखी या irritated है:

Irritants से बचना और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार suitable skin care करना उपयोगी हो सकता है।

यदि Infection है:

डॉक्टर आवश्यकतानुसार उचित antimicrobial treatment दे सकते हैं।

यदि Mastitis या Abscess है:

इसका अलग से चिकित्सकीय उपचार आवश्यक होता है। Abscess में ultrasound-guided drainage या surgical drainage की जरूरत पड़ सकती है। (nhs.uk)

यदि लगातार असामान्य nipple lesion है:

Underlying breast disease को rule out करने के लिए imaging और कभी-कभी biopsy आवश्यक हो सकती है। (Cancer.gov)


बचाव कैसे करें?

✔ बच्चे की सही breastfeeding position सुनिश्चित करें।

✔ सही latch की जानकारी लें।

✔ निप्पल को अत्यधिक साबुन से न धोएँ।

✔ नमी वाले breast pads लंबे समय तक न रखें।

✔ सही आकार की आरामदायक ब्रा पहनें।

✔ निप्पल में शुरुआती दर्द या दरार को नजरअंदाज न करें।

✔ संक्रमण के लक्षण आने पर तुरंत चिकित्सा सलाह लें।


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या nipple cracks केवल breastfeeding महिलाओं में होते हैं?

नहीं। हालांकि breastfeeding में यह बहुत सामान्य है, लेकिन skin irritation, eczema, infection और अन्य breast conditions के कारण non-breastfeeding महिलाओं में भी हो सकता है।

क्या cracked nipple में breastfeeding बंद करनी चाहिए?

आमतौर पर केवल cracked nipple होने के कारण breastfeeding बंद करना जरूरी नहीं होता। सही latch सुधारना महत्वपूर्ण है। यदि दर्द बहुत अधिक हो या कोई infection/अन्य समस्या हो, तो डॉक्टर या lactation specialist की सलाह लें। (nhs.uk)

क्या nipple crack से breast cancer होता है?

सामान्य breastfeeding-related nipple crack कैंसर का कारण नहीं है। लेकिन लगातार बने रहने वाला, विशेषकर एक तरफ का nipple/areola lesion डॉक्टर द्वारा जांचा जाना चाहिए ताकि अन्य कारणों, जिसमें Paget disease भी शामिल है, को बाहर किया जा सके। (Cancer.gov)

क्या nipple cracks अपने आप ठीक हो सकते हैं?

हल्के मामलों में सही latch और उचित skin care से सुधार हो सकता है। लेकिन यदि दरार गहरी है, खून आ रहा है, दर्द बढ़ रहा है या संक्रमण के लक्षण हैं, तो डॉक्टर से संपर्क करें।


निष्कर्ष

Nipple Excoriation या Cracked Nipple एक सामान्य और अक्सर आसानी से ठीक होने वाली समस्या है, विशेषकर breastfeeding के शुरुआती समय में। इसका सबसे महत्वपूर्ण कारण कई मामलों में गलत latch या positioning होता है।

लेकिन निप्पल की दरार को लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे संक्रमण और Mastitis का जोखिम बढ़ सकता है। और यदि कोई nipple lesion लगातार बना रहता है, विशेषकर स्तनपान न कराने वाली महिला में, तो अन्य कारणों की जांच आवश्यक है।

याद रखें:

“निप्पल में दर्द या दरार को सहते न रहें—सही कारण पहचानें, सही देखभाल करें और जरूरत पड़ने पर समय पर विशेषज्ञ से परामर्श लें।”


परामर्श हेतु

डॉ. मनोहर एल. दवाँ
वरिष्ठ आचार्य एवं विभागाध्यक्ष
जनरल, लेप्रोस्कोपिक एवं लेज़र सर्जन

S.P. Medical College & PBM Hospital, बीकानेर

???? परामर्श समय: 3:00 PM – 6:00 PM
???? 7375073171
???? www.drdawan.com

यह लेख सामान्य रोगी-जागरूकता के लिए है। व्यक्तिगत निदान एवं उपचार के लिए योग्य चिकित्सक से प्रत्यक्ष परामर्श आवश्यक है।

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